हरियाणा स्टाफ सर्विस कमीशन (एचएसएससी) बीते दो साल के दौरान एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं कर पाया है। एचएसएससी के अधिकारियों ने अब शिक्षा विभाग के साथ मिलकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में करीब 9 माह से अटकी 1919 टीजीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को फिर से बहाल कराने का फैसला किया है।
एचएसएससी की ओर से 28 जून, 2015 को विज्ञापन के जरिए निकाली गई टीजीटी भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 17 सिंतबर, 2015 को स्टे लगा दिया था।
उसके बाद आज तक स्टे हटवाने के लिए न तो एचएसएससी और न ही शिक्षा विभाग ने कोई प्रयास किया। उधर, एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने कहा कि इसी माह टीजीटी भर्ती पर लगी रोक हटाने के लिए हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती में हो रही देरी, गेस्ट टीचरों, कंप्यूटर टीचरों और नवचयनित जेबीटी की नियुक्ति में पिछले साल से कोई न कोई रुकावट आती रही है।
एचएसएससी ने शिक्षकों की नियमित भर्ती के लिए इस साल 31 मार्च को हाईकोर्ट में चल रहे मामले में शपथ पत्र दायर कर 30 जून तक नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिलाया है।
एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती का कहना है कि आयोग शिक्षकों की भर्ती का काम जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही हाईकोर्ट में पेंडिंग टीजीटी भर्ती का मामला भी सुलझाने का प्रयास इसी माह शुरू कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि एचएसएससी ने पिछले साल जब 1919 टीजीटी की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया, तब उसमें बायोलॉजी के विषय को लेकर मांगी गई योग्यता को कुछ आवेदकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी।
याचिकाकर्ताओं ने विज्ञापन में खामियां गिनाईं तो हाईकोर्ट ने टीजीटी की पूरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इस मामले में एचएसएससी की ओर से बायोलॉजी को छोड़कर अन्य विषयों में टीजीटी भर्ती के लिए भी कोर्ट से अपील नहीं की गई। इस बीच, नियमित अध्यापकों के संघ का आरोप है कि यह सारा खेल गेस्ट टीचरों को बचाने के लिए किया जा रहा है।
यदि टीजीटी व अन्य अध्यापकों की नियमित भर्ती हो जाती है तो गेस्ट टीचरों की आवश्यकता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। संघ का आरोप है कि प्रदेश सरकार गेस्ट टीचरों को बचाने के लिए नियमित टीचरों की भर्ती अटकाए रखना चाहती है।
एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने कहा कि टीजीटी की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए एचएसएससी और शिक्षा विभाग दोनों अपने-अपने स्तर पर प्रयास शुरू करेंगे और हाईकोर्ट से इस बारे में स्टे हटाने के लिए अपील की जाएगी।