Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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‘स्कैम-स्कैम चिल्लाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है और पीआईएल को ब्लैकमेलिंग का जरिया बनाया जाता है। आधारहीन याचिकाएं डालकर हीरो बनने का चलन बढ़ रहा है। किसी भी क्षेत्र में होने वाली घटना की जानकारी पुलिस थाने में दी जानी चाहिए, न कि इसके लिए सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएं।’ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में लगातार बढ़ती आधारहीन याचिकाओं पर पीआईएल बेंच ने शुक्रवार को यह टिप्पणी की।
बेंच ने कहा कि जनहित याचिका को जनहित का माध्यम ही होना चाहिए। इनका इस्तेमाल निजी हित साधने में नहीं होने दिया जाएगा। वहीं एक अन्य जनहित यचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि पीआईएल को ब्लैकमेलिंग का माध्यम बनाने की कोशिशें हो रही हैं। न्यायपालिका को ऐसी दूषित याचिकाओं से बचाना हमारी जिम्मेदारी है।
विभिन्न योजनाओं व कार्यों को स्कैम बताते हुए इसकी हाई लेवल जांच या सीबीआई जांच की अपील वाली बढ़ती याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने कहा कि कानून के अनुसार किसी भी अपराध की प्राथमिक सूचना नजदीकी थाने में दी जाती है लेकिन अब सीधा हाईकोर्ट आने का चलन बढ़ रहा है। इससे लगातार न्यायपालिका पर भार बढ़ रहा है। बेंच ने अपील की कि वैकल्पिक कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल पहले किया जाए और यदि वहां से इंसाफ नहीं मिलता तब हाईकोर्ट का रुख किया जाए।