सिरसा में ऑनर किलिंग के एक मामले में हाईकोर्ट की ओर से सुनाए गए अहम फैसले पर अमल करते हुए हरियाणा के डीजीपी ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को आदेश दिया है कि ऐसी शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए। उधर, सिरसा के ऑनर किलिंग मामले में भी एसआईटी का गठन कर दिया गया है।
यह जवाब हरियाणा सरकार ने मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दिया। सिरसा के ऑनर किलिंग मामले में पुलिस की लापरवाही पर कड़ी टिप्पणी करते हुए जस्टिस के कानन ने डीजीपी को केस की जांच में एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था।
इसके अलावा सामाजिक सरोकारों पर कई नसीहतें भी हरियाणा व पंजाब सरकार को दी गई थीं। हरियाणा के अलावा पंजाब सरकार को भी कहा गया था कि ऑनर किलिंग की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रत्येक जिले में ऐसी शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी गठित करें।
हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि ऑनर किलिंग की शिकायतों के संबंध में स्टैंडर्ड ऑपरेशनल प्रोसीजर अपनाया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार अन्य व्यवस्थाएं भी बनाई गई हैं। डरबी (सिरसा) के मनप्रीत सिंह ने प्रेम विवाह किया था। उसकी पत्नी को पिछले साल 30 सितंबर को अगवा कर लिया गया था।
दो अक्तूबर को मनप्रीत की पत्नी का शव मिला था। तब पुलिस ने 11 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मंगलवार को सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले से की गई जांच में सामने आए आरोपियों के खिलाफ जिला अदालत में ट्रायल जारी है। वहीं अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण हाईकोर्ट ने मामले में डीजीपी को एसआईटी गठित करने का निर्देश देते हुए स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। जांच ऐसे अधिकारी से कराने को कहा गया था, जिनकी जांच पर अधिकतर मामलों में सजा हुई हो।
हाईकोर्ट ने दी थी नसीहत
प्रेम विवाह के मामलों में हाईकोर्ट ने कहा था कि एक तो विशेषकर हरियाणा में खाप पंचायतों के फैसलों के कारण परिजनों केरवैये से युवा परेशान हैं। दूसरा शादी के पंजीकरण को लेकर अधिकारी परेशान करते हैं। वयस्क शादी पंजीकरण के लिए जाएं तो परिजनों की हाजिरी जरूरी है। जबकि वयस्कों के मामले में पंजाब और हरियाणा को स्पष्ट निर्देश दिया जा चुका है कि पंजीकरण के दौरान परिजनों की मौजूदगी जरूरी नहीं है।
फैसले में यह भी कहा गया था कि भारत में पुरानी परंपरा के मुताबिक युवाओं को भी शालीनता बनाई रखनी चाहिए। घर से भाग कर प्रेम विवाह से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए। फैसला लेने से पहले उन्हें अपने परिजनों से बात क रनी चाहिए।
फैसले में कहा है कि ऑनर किलिंग में लॉ कमिशन ने भी फांसी की सजा की सिफारिश की, ताकि अंतरजातीय विवाह में कोई अड़चन न आए। हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस को चाहिए जहां ऑनर किलिंग के मामले सामने आते हैं, वहां कुछ समझदार लोगों के समूह बनाए जाएं, ताकि प्रेम विवाह और अंतर जातीय विवाह के मामले सुलझाए जा सकें।