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गेस्ट टीचरों और सरकार को हाईकोर्ट का बड़ा झटका, जानिए मामला

Sat, 23 Dec 2017 10:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के गेस्ट टीचर
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की एक नोटिफिकेशन को खारिज करते हुए लो मेरिट और गेस्ट शिक्षकों सहित हरियाणा सरकार को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि सबसे पहले 2011 और 2013 के जेबीटी प्रतीक्षा सूची वालों की संयुक्त मेरिट सूची बनाकर पद भरे जाएं। मामले में 2011-2013 की जेबीटी भर्ती की प्रतीक्षा सूची में मौजूद आवेदकों ने हरियाणा सरकार द्वारा जारी की गई 7 दिसंबर की नोटिफिकेशन को चुनौती दी थी।
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हरियाणा सरकार ने इसके माध्यम से लो मेरिट और गेस्ट शिक्षकों को एडहाक आधार पर नियुक्ति देने का फैसला लिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि वे वेटिंग सूची में मौजूद हैं और यदि पद मौजूद हैं तो पहले नियुक्ति के लिए उनके नाम पर विचार होना चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद हरियाणा सरकार के 7 दिसंबर की नोटिफिकेशन को खारिज करते हुए हरियाणा सरकार को आदेश दिए हैं कि वे 2011-2013 जेबीटी वेटिंग की संयुक्त मेरिट लिस्ट जारी करें।

इस मेरिट सूची से नियुक्ति के बाद जो पद बचें उन्हें लो मेरिट जेबीटी को ऑफर किया जाए तथा इसके बाद भी यदि कोई पद बचे तो ही उसे गेस्ट शिक्षकों को ऑफर किया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि यह आदेश पूरी तरह से उस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर करेगा जो एलपीए के तौर पर हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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गेस्ट शिक्षकों की राह मुश्किल
गेस्ट टीचर्स को एडहॉक पर नियुक्ति देने की अधिसूचना को हाईकोर्ट द्वारा खारिज करने के चलते अब 1015 लो मेरिट जेबीटी शिक्षकों तथा 945 गेस्ट शिक्षकों की एडहॉक नियुक्ति समाप्त हो जाएगी। हालांकि हाईकोर्ट के आदेशों का लो मेरिट जेबीटी शिक्षकों पर इतना प्रभाव नहीं पड़ेगा जितना गेस्ट शिक्षकों पर पड़ेगा। ऐसा इसलिए कि सबसे पहले वेटिंग सूची को नियुक्ति देने के बाद अगला नंबर लो मेरिट का ही होगा।

सभी लो मेरिट को नियुक्ति देने के बाद यदि कोई सीट बची तो ही गेस्ट शिक्षकों को एडजस्ट किया जा सकेगा। 1015 लो मेरिट जेबीटी को नियुक्ति देने के बाद भी कुछ लो मेरिट जेबीटी ने गेस्ट शिक्षकों को नियुक्ति देने को गलत करार देते हुए पहले लो मेरिट को ही प्राथमिकता देने की मांग की थी। ऐसे में अब गेस्ट शिक्षकों की राह बड़ी मुश्किल है।
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