खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अंकुर मित्तल व अभिषेक वर्मा को एचसीएस या एचपीएस के तौर पर नियुक्ति देने के सिंगल बेंच के आदेश पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रोक लगा दी है। साथ ही सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सिंगल बेंच ने अपने आदेश में कहा था कि देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ी विदेश में देश का गौरव बढ़ाते हैं और यदि ऐसे खिलाड़ियों की उपेक्षा की जाएगी तो यह भावी पदक विजेताओं को हतोत्साहित करेगा। ऐसे में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अंकुर मित्तल व अभिषेक वर्मा को एचसीएस या एचपीएस की नौकरी देने पर विचार करने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया था।
इस मामले में अंकुर मित्तल के दावे को सरकार ने 29 नवंबर 2018 को खारिज करते हुए कहा था कि वह हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी के तौर पर नियुक्ति के लिए योग्य नहीं है। जबकि याची का दावा था कि उसने कोरिया में आयोजित 52वीं आईएसएसएफ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है, ऐसे में वह योग्य है। अभिषेक वर्मा की एचसीएस- एचपीएस में नियुक्त के दावे को सरकार ने खारिज करते हुए उसे ग्रुप बी में नौकरी की पेशकश की थी जिसे अभिषेक ने ठुकरा दिया था। सिंगल बेंच ने दोनों को नियुक्ति देने पर विचार करने का आदेश दिया था। सिंगल बेंच के इस आदेश के खिलाफ हरियाणा सरकार सरकार ने खंडपीठ में अपील दाखिल कर चुनौती दी है। खंडपीठ ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगाते हुए अब सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।