आदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी बठिंडा में पीजी कोर्स के लिए सत्र 2020-21 की फीस को घटाने के पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यदि याचिका खारिज की जाती है तो छात्रों को फीस के अंतराल की राशि 7 प्रतिशत ब्याज के साथ यूनिवर्सिटी वापस करेगी।
याचिका दाखिल करते हुए यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि उसने पंजाब सरकार की मंजूरी और एक्ट के अनुरूप अपना प्रास्पेक्टस जारी किया था। जिसके तहत फीस निर्धारित की गई थी। यूनिवर्सिटी ने अपनी पहली काउंसलिंग पूरी कर ली और कई छात्रों ने फीस भी जमा करवा दी। इस बीच अचानक पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर मेडिकल संस्थानों में फीस को घटाने के आदेश जारी कर दिए।
अब यूनिवर्सिटी राज्य सरकार के आदेश के अनुरूप जो फीस यूनिवर्सिटी ने प्रास्पेक्टस में दर्ज करवाई थी, उसको घटा दिया गया। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया था। याचिका जब सुनवाई के लिए पहुंची तो पंजाब सरकार ने जवाब के लिए और समय दिए जाने की अपील की। हाईकोर्ट ने कहा कि यह इतना गंभीर मामला है, बावजूद इसके पंजाब सरकार की ओर से ढील बरती जा रही है।
हाईकोर्ट ने कहा कि 24 जून से दूसरी काउंसलिंग आरंभ होनी है और ऐसे में अंतरिम आदेश जारी करना आवश्यक हो गया है। हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी को प्रास्पेक्टस के अनुरूप ही वसूल करने की अनुमति देते हुए पंजाब सरकार की फीस घटाने की नोटिफिकेशन को याचिकाकर्ता यूनिवर्सिटी के मामले में रोक लगा दी है।
अंतरिम आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिका पर आने वाला अंतिम फैसला यूनिवर्सिटी के खिलाफ हुआ तो यूनिवर्सिटी छात्रों को उनके द्वारा जमा कराई गई अतिरिक्त फीस 7प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करेगी।