कैट-3, पैरलल टैक्सी ट्रैक और ओएलएस का काम पूरा होने में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि देश के वैज्ञानिक चंद्रयान को चांद पर पहुंचा चुके हैं और आप हैं कि एयरपोर्ट पर अधूरे काम पूरे नहीं करवा पा रहे हैं। कोर्ट ने अब तीनों मुद्दों पर सभी पक्षों को बैठक कर तीन हफ्ते में हल निकालने के आदेश दिए हैं।
वहीं एयरपोर्ट पर कैट-3 और पैरलल टैक्सी ट्रेक के मामले में हाईकोर्ट ने छह महीने में कैट-3 सुविधा देने के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने इस पर कहा कि एयरपोर्ट पर कैट-3 फैसिलिटी पर एएआई और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट में सहमति बन गई है और टाटा सीड भी इसके लिए तैयार है। आगे की कार्रवाई के लिए रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति बाकी है। अब यह मामला रक्षा मंत्रालय के समक्ष विचाराधीन है।
18 को नोटिस दिया, 15 दिन में गिरा देंगे निर्माण
पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने 9 मार्च 2011 को जारी नोटिफिकेशन के बाद बने सभी निर्माण तय प्रक्रिया के तहत तत्काल गिराए जाने के आदेश पर पंजाब सरकार ने बताया कि सभी 98 निर्माणों के मालिकों को 18 सितंबर को नोटिस दिया जा चुका है। वर्क ऑफ डिफेंस एक्ट के तहत जारी नोटिस में उन्हें 15 दिनों में निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया है। जवाब आने बाद इन पर तय कानून के तहत कार्रवाई कर दी जाएगी।