लिव इन रिलेशनशिप (सहमति संबंध) में रहने वाली दो लड़कियों की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के रिश्ते में रहने पर भी संविधान में दिया गया जीवन और सुरक्षा का अधिकार छिनता नहीं है।
सहमति संबंध में रहने वाली मोहाली निवासी दो लड़कियों की ओर से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई गई थी। याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि दोनों याचिकाकर्ता एक दूसरे को पसंद करती हैं और पिछले 6 महीने से एक साथ रह रही हैं।
सहमति संबंध में रहने के चलते दोनों के परिजन उनको लगातार धमकियां दे रहे हैं । इससे उनके जीवन को खतरा है। इसलिए दोनों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। लड़कियों ने बताया कि धमकियों के चलते उन्होंने मोहाली के एसएसपी को रिप्रजेंटेशन भी दी थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उनको पता है कि उनका रिश्ता किस प्रकार का है और यह भी कि वे आपस में विवाह नहीं कर सकती हैं।