स्ट्रीट वेंडर, पार्किंग अतिक्रमण से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि शहरवासी अपनी जिम्मदारी नहीं निभा रहे हैं। और व्यवस्था को लागू करने के लिए डंडा जरूरी है। शहर के लोग अधिकारों के मामले में सबसे आगे खड़े होते हैं लेकिन जब बात कर्तव्य की होती है तो कोई नजर नहीं आता। यदि लोग जिम्मेदार हो जाएं तो शहर की आधी समस्याएं खुद ही समाप्त हो जाएं।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि देखा जाए तो शहर की जितनी भी समस्याएं हैं उनके लिए शहर के लोग खुद जिम्मेदार हैं। यदि लोग स्ट्रीट वेंडरों से सामान न लें तो वे खुद ही अवैध कब्जों को छोड़कर चले जाएंगे। वैसे भी स्ट्रीट वेंडरों के पास से खाने की वस्तुएं लेते हुए लोग यह तक नहीं सोचते कि यह सेहत के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है। गार्डन में गंदगी न फैलाएं तो किसी प्रकार के प्रतिबंध की जरूरत ही न पड़े।
पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या गलत पार्किंग और अनावश्यक रूप से वाहनों के प्रयोग के कारण है। पहले लोग अपने लिए समस्या खुद पैदा करते हैं और फिर निवारण के लिए हाईकोर्ट पहुंच जाते हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन लापरवाह तरीके से पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर वेंडरों को खाद्य पदार्थ बेचने की अनुमति दे रहा है जिसके कारण समस्या और अधिक बढ़ गई है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर सभी मुद्दों पर अलग-अलग सुनवाई होगी।
चंडीगढ़ के स्ट्रीट वेंडर, पंचकूला के स्ट्रीट वेंडर, चंडीगढ़ का सौंदर्यीकरण पार्किंग आदि विषयों पर विस्तार से सुनवाई करने के बाद उचित आदेश जारी किए जाएंगे। याचिका रॉक गार्डन में रोज फेस्टिवल के दौरान हुई गंदगी से जुड़ी है जिसको लेकर आरडी आनंद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मुद्दे के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए अन्य मुद्दों को भी शामिल कर लिया था। अब इस मामले में पंचकूला और चंडीगढ़ के स्ट्रीट वेंडरों का मामला भी शामिल कर लिया गया है।