हाईकोट ने डीएवी कॉलेज को बड़ी राहत देते पंजाब विश्वविद्यालय की सिंडिकेट द्वारा एमबीए पाठ्यक्रम को अस्थाई मान्यता न देने के फैसले को खारिज कर दिया है। पीयू को झटका देते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय ने यूजीसी के प्रावधानों का उल्लंघन कर महाविद्यालय के एमबीए पाठ्यक्रम को मान्यता देने से इनकार किया था।
उच्च न्यायालय ने विश्वविद्यालय को नए सिरे से तय प्रावधानों के तहत कोर्स की जांच के लिए एक नई जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए हैं। जस्टिस अरुण मोंगा ने यह आदेश डीएवी कॉलेज द्वारा पीयू सिंडिकेट द्वारा उनके एमबीए कोर्स की मान्यता विस्तार की मांग को अस्वीकार किए जाने के आदेशों के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिए हैं।
नई कमेटी में कोई पुराना सदस्य न रखा जाए
इसके साथी पीयू को सख्ती से कहा है कि वह यह ध्यान रखें कि जो नई जांच समिति गठित की जाए, उसमें एक भी सदस्य ऐसा न हो जो पहले की समिति में शामिल रहा हो। जब तक महाविद्यालय के इस पाठ्यक्रम पर नए सिरे से गौर कर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक डीएवी महाविद्यालय के एमबीए कोर्स की मान्यता जारी रखी जाए।
इस आदेश पर दो महीनों में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय की नई जांच समिति के अंतिम निर्णय पर यदि महाविद्यालय को कोई आपत्ति हो तो वह दोबारा उच्च न्यायालय आ सकता है।