वर्तमान में स्वीकृत 85 पद, केवल 51 जज फिलहाल कार्यरत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 15 जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की पदोन्नति की सिफारिश की है। हाईकोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब से आठ और हरियाणा से सात न्यायाधीशों के नाम प्रस्तावित किए। यह कदम न्यायालय में न्यायाधीशों की भारी कमी और लंबित मामलों की विकराल समस्या को देखते हुए उठाया गया है।
राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड के मुताबिक हाईकोर्ट में 4.32 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें से 85 प्रतिशत मामले एक साल से ज्यादा पुराने हैं, जबकि कुछ मामलों की फाइलें चार दशक पुरानी हैं। कुल लंबित मामलों में से 2.68 लाख दीवानी और 1.63 लाख आपराधिक हैं। इनमें कई मामले नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रता से जुड़े हैं। 1986 की पांच अपीलों सहित कुल 48,386 दूसरी अपीलें अभी भी निर्णय की प्रतीक्षा में हैं। आंकड़े बताते हैं कि 30 प्रतिशत मामले पांच से दस साल पुराने हैं और 29 प्रतिशत एक दशक से अधिक समय से लंबित हैं।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट वर्तमान में स्वीकृत 85 पदों के मुकाबले सिर्फ 51 न्यायाधीशों के साथ काम कर रहा है। इस साल तीन और न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने से यह संख्या और घट जाएगी। न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया लंबी होने के कारण समस्या और गंभीर हो गई है। इसमें राज्य और केंद्र सरकार की मंजूरी शामिल होती है। जिला एवं सत्र न्यायाधीशों पदोन्नति की सिफारिश दो साल बाद की गई है।