सुखपाल सिंह फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच के लिए डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को सुविधाएं न देने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट को बताया गया कि सुविधा के नाम पर सचिवालय में छोटा सा कमरा और दो पुलिसकर्मी दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कैसे पंजाब सरकार डीजीपी स्तर केअधिकारी से क्लर्क जैसा बर्ताव कर सकती है। हाईकोर्ट ने 6 नवंबर तक चट्टोपाध्याय को सभी सुविधाएं मुहैया करवा रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। इससे पहले डीजीपी सिद्घार्थ चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन कर जांच के आदेश जारी किए गए थे।
एसआईटी में उनके साथ एडीजीपी गुरप्रीत कौर दिओ और आईजीपी बी चंद्रशेखर को शामिल किया गया था। बाद में सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया था कि वह इस समय पीएसपीसीएल में डीजीपी पद पर तैनात हैं। उन्हें न तो स्टाफ दिया गया है न दफ्तर और न ही अन्य सुविधाएं । ऐसे में वह जांच नहीं कर सकते।