चुनाव से पहले दुष्यंत जिन बातों का विरोध करते थे, उन बातों पर अब कितने सहज होंगे यह भी देखना होगा। सूत्रों के मुताबिक सुभाष बराला और कैप्टन अभिमन्यु की यह मंशा है कि उनके क्षेत्र से जीते जजपा प्रत्याशियों को मंत्रिमंडल में शामिल न किया जाए। जबकि ओम प्रकाश धनखड़ के क्षेत्र से कांग्रेस जीती है।
भविष्य की कैबिनेट पर भी होगा मंथन
पुरानी कैबिनेट भविष्य की कैबिनेट कैसी हो इस पर भी मंथन करेगी। वित्त मंत्रालय से लेकर बिजली, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल जैसे महत्वूपूर्ण मंत्रालय किस अनुभवी को दिए जाएं इस पर भी मंथन होगा। पूर्व मंत्रियों को साथ लेकर चलने की कवायद में उनके लिए दोपहर के भोज का भी आयोजन किया गया है।
विपुल और राव पर रहेगी नजर
पुरानी कैबिनेट में शामिल रहे विपुल गोयल और राव नरबीर सिंह इस बैठक में आएंगे या नहीं इस पर सभी की नजर रहेगी। यह दोनों मंत्री ऐसे हैं जिनका टिकट वर्तमान सरकार में काट दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक विपुल के बैठक में पहुंचने की पुष्टि हो गई है। बहरहाल इस विधानसभा चुनाव में आठ मंत्री हार गए हैं। जबकि दो को ही जीत का सेहरा नसीब हुआ। जिसमें अनिल विज और बनवारी लाल शामिल हैं।
मुंह फुलाए बैठे थे अनिल विज
नई सरकार के गठन के बाद से पूर्व मंत्री अनिल विज कुछ ज्यादा नहीं कह रहे हैं। मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले विज भले ही कुछ न कह रहे हों लेकिन उनका वरिष्ठता क्रम बहुत कुछ कह रहा है। ऐसे में बात-बात पर ट्वीट करने वाले विज ने पिछले दिनों साफ किया है कि उनकी कोई डिमांड नहीं है।