पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शहर की टूटी और बदहाल सड़कों की हालत पर यूटी प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि खराब सड़कें ट्रैफिक की समस्या का कारण बनती हैं और इसलिए मुख्य सड़कों की कार्पेटिंग के लिए मार्च से जून तक तथा अन्य सड़कों के लिए चार माह की मोहलत दी।
जस्टिस राजीव शर्मा व जस्टिस अमोल रतन सिंह की विशेष खंडपीठ ने शहर के बदहाल ट्रैफिक पर हाईकोर्ट के संज्ञान पर सुनवाई के दौरान कहा कि शहर की अधिकतर मुख्य सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। कोर्ट ने कहा कि और तो और हाईकोर्ट को आने वाली सड़क भी खस्ताहाल हैं बाकी शहर की बात ही क्या की जाए।
सड़कों पर बड़े-बड़े गढ्ढे पड़े हुए हैं लेकिन प्रशासन है कि इनकी मुरम्मत और रिकार्पेटिंग तक नहीं कर रहा। इस पर चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल पंकज जैन ने माना की शहर की कई सड़कें ख़राब हैं लेकिन अभी सर्दियां होने के कारण इनकी रिकार्पेटिंग नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि गर्मियां शुरू होते ही रिकार्पेटिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि कई देशों में तो बरसातों में भी इस काम को पूरा किया जाता है और प्रशासन है कि वह सर्दी की दलीलें दे रहा है। हाईकोर्ट ने मुख्य सड़कों पर काम मार्च से ही आरंभ कर इसे जून तक पूरा करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि जितने अहम मुख्य मार्ग हैं उतने ही जरूरी अन्य मार्ग भी हैं। ऐसे में 4 माह में उनकी रिकार्पेटिंग का काम भी पूरा किया जाए।