90 प्रतिशत अक्षम बच्चे की मां ने उसकी देखभाल के लिए आय का साधन न होने की दलील देते हुए सेवा विस्तार की मांग की है। महिला शिक्षिका की याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि वह उसकी मांग पर सहानुभूति दिखाते हुए निर्णय लें। साथ ही निर्णय होने तक उसकी रिटायरमेंट पर रोक लगा दी।
पंजाब के सरकारी स्कूल की महिला कर्मी रमेश कुमारी ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उसका बेटा 90 प्रतिशत अक्षम है। उसके पहले पति के नशेड़ी होने के चलते उससे याची का तलाक हो गया था। उसका दूसरा पति उसके बेटे की देखभाल से इनकार कर चुका है। वह अपने बेटी की देखरेख करने वाली एकलौती है और उसके पास इस नौकरी के अतिरिक्त आय का कोई साधन नहीं है। याची ने बताया कि सरकार दिव्यांग कर्मचारियों को सेवा में विस्तार देती है ताकि उन्हें गुजारे की समस्या न हो।
याचिकाकर्ता के मामले में भी इसी प्रकार सहानुभूति रखते हुए विचार करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि यह अपनी तरह का अनूठा मामला है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को 20 दिसंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है और साथ ही अगले आदेश तक महिला की रिटायरमेंट पर भी रोक लगा दी है।