पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को 31 अक्तूबर तक हलफनामा दाखिल कर यह बताने का आदेश दिया है कि बीते दो साल में एनडीपीएस के कितने मामलों में चालान पेश किया गया और उनमें कितनों की गवाही हुई। साथ ही जिन मामलों में सरकारी गवाह आदेश के बावजूद गवाही के लिए नहीं पहुंचे उनका कारण भी बताना होगा। सरकारी गवाहों की गैर मौजूदगी को लेकर लिए गए संज्ञान मामले में हाईकोर्ट ने यह जानकारी मांगी है।
सरकारी गवाहों की गैर मौजूदगी पर लिया था संज्ञान
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के मामलों में सरकारी गवाहों की गैर-मौजूदगी को लेकर संज्ञान लिया है और इस मामले में पंजाब के गृह सचिव, डीजीपी व मुक्तसर साहिब के एसएसपी को तलब किया था। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने डीजीपी को फटकार लगाते हुए कहा था कि जिस प्रकार एनडीपीएस के मामलों में पुलिस अधिकारी गवाही के लिए पेश नहीं हो रहे, उससे प्रतीत होता है कि सरकार व डीजीपी पूरी तरह असफल हैं। पुलिस का यह रवैया राज्य के नागरिकों के बीच उनकी छवि पर खराब प्रभाव डालता है।
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हाईकोर्ट ने अब पंजाब के डीजीपी को आदेश दिया है कि 31 अक्तूबर तक पिछले दो साल में एनडीपीएस के जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल की है, उनमें गवाहों को लेकर हलफनामा दाखिल किया जाए। बताना होगा कि गवाह क्यों गवाही के लिए नहीं पहुंचे। इसके साथ ही गवाही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे और इसके लिए सरकार को समय सीमा की जानकारी भी देनी होगी।