देश भर में नशे का कारोबार जड़ें जमा रहा है। विदेश में बैठे नशे के बड़े सरगनाओं को पकड़े बगैर इस पर लगाम नहीं लग पाएगी। यदि अभी इसको नहीं रोका गया तो बहुत देर हो जाएगी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी ड्रग कारोबार को लेकर लंबित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस को विदेश मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिलकर विदेश में बैठे नशे के सरगनाओं को वापस लाने के लिए एक माह में प्रयास आरंभ करने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पंजाब सहित देश के कई राज्यों में नशे के कारोबार ने अपनी जड़ें जमा ली हैं और कई राज्य इनके निशाने पर हैं। इन्हें ऑपरेट करने वाले विदेशों में बैठे हुऐ हैं और वो कानून की पहुंच से बाहर हैं। पंजाब के तीन बड़े नशे के सरगना रंजीत सिंह संघा, हरदीप सिंह संधू और गुरविंदर सिंह कनाडा में हैं उन्हें भारत लाने के प्रयास तत्काल शुरू किए जाने चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि कनाडा सरकार के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि है और इसके तहत इन तीनों बड़े सरगनाओं को भारत लाया जाए। लुधियाना की ट्रायल कोर्ट एनडीपीएस के मामले में इन तीनों को भगोड़ा करारा दे चुकी है।
डीआरआई निदेशक निखिल कुमार सिंह को हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि वह विदेश मंत्रालय से कनाडा सरकार के साथ हुई प्रत्यर्पण संधि और विदेश मंत्रालय द्वारा ऐसे बड़े अपराधियों को विदेश से भारत लाने के लिए जो भी प्रावधान हैं उन सभी का इस्तेमाल कर इन्हे भारत वापस लाने की चार सप्ताह में कवायद शुरू करे। इसके साथ ही कनाडा में भारत के दूतावास का भी इस मामले में पूरा सहयोग लिया जाए। अन्य किसी विभाग की इसके लिए सहयोग की जरूरत पड़े तो वह ली जाए क्योंकि यह मामला व्यापक जनहित का और आम लोगों से जुड़ा है। जब तक नशे के बड़े सरगना नहीं पकडे़ जाते तब तक इस कारोबार पर लगाम नहीं लगाई जा सकती।