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Highcourt: इंडो-कैनेडियन ट्रांसपोर्ट कंपनी के बस परमिट बहाल, हाईकोर्ट से बड़ी राहत, बस परमिट बहाल

Sat, 11 Feb 2023 09:27 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इंडो-कैनेडियन ट्रांसपोर्ट कंपनी ने याचिका में बताया कि 18 दिसंबर 2021 को पंजाब के तत्कालीन परिवहन मंत्री ने पटियाला आरटीए और प्रवर्तन कर्मचारियों के साथ तीन बसों को रोका था। इन पर आरोप था कि इनके पास कांट्रैक्ट कैरिज परमिट है फिर भी यह स्टेज कैरिज परमिट के अनुरूप बसों को चला रहे हैं।
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विस्तार
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इंडो-कैनेडियन ट्रांसपोर्ट कंपनी के तीन बसों का परमिट रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के निर्णय को गलत करार देते हुए परमिट बहाली का आदेश जारी किया है। ये बसें अमृतसर से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली तक जाती हैं।
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इंडो-कैनेडियन ट्रांसपोर्ट कंपनी ने याचिका में बताया कि 18 दिसंबर 2021 को पंजाब के तत्कालीन परिवहन मंत्री ने पटियाला आरटीए और प्रवर्तन कर्मचारियों के साथ तीन बसों को रोका था। इन पर आरोप था कि इनके पास कांट्रैक्ट कैरिज परमिट है फिर भी यह स्टेज कैरिज परमिट के अनुरूप बसों को चला रहे हैं। 23 दिसंबर 2021 को याची कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 

इस पर कंपनी की तरफ से 31 दिसंबर 2021 को पंजाब सरकार को एक ई-मेल लिखकर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था जिसके आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। सरकार की तरफ से उनको कोई जवाब नहीं दिया गया। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के चलते याचिकाकर्ता कंपनी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दायर कर सकी। 
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याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी तरफ से जवाब पाए बिना ही राज्य परिवहन प्राधिकरण ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए 7 जनवरी 2022 को परमिट रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश को राज्य परिवहन अपीलेट न्यायाधिकरण के समक्ष चुनौती दी गई थी। 27 अप्रैल 2022 को राज्य परिवहन अपीलेट न्यायाधिकरण द्वारा उनकी अपील खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने व रिकाॅर्ड देखने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता कंपनी अपनी बसों को स्टेज कैरिज के रूप में नहीं चला रही थी और इसलिए सरकार का फैसला गलत था। कोर्ट ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के तीनों बस परमिट की बहाली का आदेश दिया है।

क्या हैं यह दोनों परमिट
कांट्रैक्ट परमिट के तहत एक निश्चित स्थान से सवारियों को दूसरे स्थान के लिए बस में बैठाया जाता है। इन दोनों स्थानों के बीच में किसी भी सवारी को बस में बैठाया नहीं जा सकता है। वहीं दूसरी ओर स्टेज कैरिज परमिट के तहत बसों को उनका रूट दिया जाता है। इस रूट पर जाते हुए बस चालक कहीं से भी सवारियों को बस में बैठा और उतार सकता है।
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