Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
एनडीपीएस के मामले में सात साल में केवल 6 गवाहों के पेश होने के चलते ट्रायल लटकने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने होशियारपुर के एसएसपी को मामले की जांच का आदेश दिया है। साथ ही उन्हें अगली सुनवाई पर निजी हलफनामे के साथ जवाब देने व कार्रवाई का ब्योरा सौंपने को कहा है।
याचिका दाखिल करते हुए सतनाम चौधरी ने बताया कि उसके खिलाफ जून 2016 को एनडीपीएस के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में कुल 21 गवाह थे और अभी तक केवल 6 गवाह ही पेश हो सके हैं। इस मामले में ट्रायल लटकने का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई थी।
यह भी पढ़ें: Punjab: पूर्व कांग्रेस विधायक कुलबीर जीरा गिरफ्तार, फिरोजपुर पुलिस ने तड़के पांच बजे घर से उठाया
हाईकोर्ट ने पाया कि इस साल जून में ट्रायल कोर्ट ने एसएसपी के माध्यम से सरकारी गवाहों को पेशी के लिए कहा, लेकिन वे पेश नहीं हुए। हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है, क्योंकि इस मामले में सभी गवाह सरकारी मुलाजिम हैं। इनके पेश न होने के चलते आरोपी 7 साल से जेल में है। हाईकोर्ट ने अब एसएसपी को अगली सुनवाई पर हलफनामे में हर तारीख पर गवाहों की गैर मौजूदगी का कारण बताना होगा।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में साफ प्रतीत होता है कि पुलिस मुलाजिम जो गवाह हैं, वे अदालती कार्यवाही में शामिल होकर सहयोग करने के स्थान पर हर संभव प्रयास किया गया कि ट्रायल लटके। यह स्थानीय पुलिस और नशा माफियाओं की मिली भगत प्रतीत होती है।