पंचायती जमीन पर अधिकारियों की मिलीभगत से कब्जे का आरोप लगाती याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याची ने निजी दुश्मनी निकालने के लिए कोर्ट का समय बर्बाद किया है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याची पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि कैथल के एक गांव में जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा किया है। इस मामले में शिकायत के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अधिकारी कब्जा करने वालों के साथ मिलीभगत कर कब्जा बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने याचिका पर जब जवाब मांगा तो हरियाणा सरकार ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई हो रही है। इस मामले के निपटारे की जिम्मेदारी सहायक कलेक्टर को दी गई है और इसे लेकर 4 मई को सुनवाई होनी है।
पीजीआई के पुअर पेशेंट रिलीफ फंड में जमा करनी होगी राशि
इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कहा कि याची का आरोप है कि कार्रवाई नहीं हो रही है जबकि मामले की सुनवाई 4 मई को तय है। यह याचिका जानकारी छिपाते हुए निजी दुश्मनी के चलते दाखिल की गई है। इस मामले में याची ने तथ्यों को छुपाया है और कोर्ट का समय बर्बाद किया है। ऐसे में याची को इसका परिणाम भुगतना होगा। हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए इस राशि को पीजीआई पुअर पेशेंट रिलीफ फंड में जमा करवाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि यह राशि नहीं जमा करवाई गई तो याची के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।