कलर्स चैनल पर राम सिया के लव कुश टीवी सीरियल के प्रसारण पर पंजाब सरकार द्वारा लगाई रोक को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। चैनल की याचिका पर सुनवाई 23 सितंबर तक स्थगित कर दी गई है। इस बीच, सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि सीरियल पर बैन को लेकर चैनल के साथ सोमवार को बैठक कर हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।
सीरियल के खिलाफ वाल्मीकि समुदाय में काफी रोष है और पंजाब के मुख्यमंत्री ने समुदाय की भावनाओं को देखते हुए सभी डीसी को इस सीरियल के प्रदर्शन पर रोक के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ चैनल ने सोमवार सुबह ही याचिका दायर कर मामले की तत्काल सुनवाई किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की थी।
हाईकोर्ट में वीरवार दोपहर बाद याचिका पर सुनवाई शुरू हुई तो चैनल ने कहा कि पंजाब सरकार ने बिना उनका पक्ष सुने राम सिया के लवकुश पर पाबंदी लगा दी है।
वायाकॉम 18 की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि रामायण एक महाकाव्य है जो अपनी बारीक कहानियों के माध्यम से भारतीय मूल्यों का विस्तार करता है। 'राम सिया के लव कुश' सीरियल की कहानी को हम एक ऐसे लेंस के माध्यम से दिखाना चाहते हैं जो पहले नहीं खोजा गया था। यह शो रामायण पर आधारित विभिन्न ग्रंथों, पुस्तकों और धर्मग्रंथों पर आधारित हैं। हमारा उद्देश्य किसी भी विशेष समूह की भावनाओं को आहत करना नहीं है।
हम समूह के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और इसपर प्रतिक्रिया भी ले रहे हैं। हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि शो के माध्यम से हम धार्मिक जानकारियां दे पाएं और हर पीढ़ी इसका आनंद ले।