फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Highcourt: नशे में महिला अफसर से दुर्व्यवहार का दोषी रहम का हकदार नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की अपील

Tue, 11 Apr 2023 04:44 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

महेंद्रगढ़ निवासी हीरा सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि वह 1982 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था और 1999 में उसे चार्जशीट किया गया था। आरोप के अनुसार वह शराब के नशे में था और इस दौरान उसने महिला अफसर के साथ दुर्व्यवहार किया था।
विज्ञापन
highcourt
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नशे में सेना की महिला अफसर से दुर्व्यवहार के दोषी को बर्खास्त करने के निर्णय को सही करार देते हुए इसके खिलाफ की गई अपील को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अनुशासनात्मक बल के सदस्य से ऐसे कार्य की उम्मीद नहीं की जाती और ऐसे में यह सजा भविष्य के लिए उदाहरण पेश करेगी।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए महेंद्रगढ़ निवासी हीरा सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि वह 1982 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था और 1999 में उसे चार्जशीट किया गया था। आरोप के अनुसार वह शराब के नशे में था और इस दौरान उसने महिला अफसर के साथ दुर्व्यवहार किया था। सन 2000 में उसे दोषी मानते हुए बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश को उसने सिविल सूट के माध्यम से चुनौती दी थी और फैसला उसके हक में आया था। इस फैसले को भारत सरकार ने अपील करते हुए चुनौती दी थी। 

यह भी पढ़ें: किसानों को केंद्र ने दी राहत:  अब छह फीसदी तक टूटे/सिकुड़े दाने पर एजेंसियां करेंगी खरीद, नहीं लगेगा वेल्यू कट
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए अपीलेट कोर्ट ने हीरा सिंह की बर्खास्तगी के आदेश को सही करार दिया था। अपीलेट कोर्ट के इस आदेश को हीरा सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याची ने दलील दी थी कि सेवा के 17 साल के दौरान उसका करियर बेदाग रहा। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अनुशासनात्मक बल के सदस्य से इस तरीके से कार्य की उम्मीद नहीं की जाती है। कोर्ट ने कहा कि इस सजा के माध्यम से भविष्य के लिए उदाहरण पेश किया जा सकेगा। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने अपील को सिरे से खारिज कर दिया।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें