बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट को वीसी की नियुक्ति के लिए चांसलर (राज्यपाल) से इजाजत की कोई जरूरत नहीं है। राज्यपाल पीएयू के वीसी को न तो नियुक्त कर सकते हैं और न ही हटा सकते हैं। कंग ने कहा कि राज्यपाल भाजपा के इशारे पर सरकार के कामकाज में जानबूझकर दखलअंदाजी कर रहे हैं। कंग ने राज्यपाल से कहा कि अगर उन्हें राजनीति करनी है तो भाजपा में शामिल हो जाए और चुनाव लड़ लें लेकिन राज्यपाल पद की गरिमा को नुकसान न पहुंचाएं। कंग ने राष्ट्रपति से भी अपील की है कि पंजाब के राज्यपाल भाजपा के राजनीतिक एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए।
पहले भी होते रहे हैं विवाद
पंजाब में सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद नया नहीं है। वायुसेना दिवस के मौके पर राज्यपाल ने पंजाब राजभवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए इसे प्रॉटोकाल का उल्लंघन करार दिया था। इससे पहले राज्यपाल और सरकार उस समय सामने आ गए थे, जब सरकार की ओर से बुलाए विशेष सत्र को मंजूरी देने के बाद पुरोहित ने अपने आदेश वापस ले लिए थे। इसके बाद सरकार ने फिर से विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया तो राज्यपाल ने मंजूरी देने से पहले सरकार से सत्र के दौरान किए जाने वाले कामकाज का ब्योरा मांग लिया था।