अमरूत (अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) योजना के लिए सरकार ने 394 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, पंजाब म्युनिसिपल डेवलपमेंट फंड के लिए 538 करोड़ रुपये रखे हैं। शहरी क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकास कोष (यूडीआईएफ) के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, शहरी पार्क, लैजर वैली और राष्ट्रीय आवास बैंक की सहायता से जल आपूर्ति में वृद्धि के लिए 322 करोड़ का प्रावधान किया है। जल संसाधन, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, शहरी स्थानीय सरकार और जन तक के कार्य पीआईडीबी द्वारा शुरू किए जाने वाले बुनियादी प्रोजेक्टों के लिए 900 करोड़ का अतिरिक्त राशि रखी गई है।
इससे पहले, 2023-24 साल में 148 यूएलबी में से 79 में पुराने कचरे का निष्तारण कार्य पूरा हो चुका है, 31 मार्च 2026 तक शेष 69 यूएलबी को हल किया जाएगा। शहरी स्थानीय क्षेत्रों में विकास के लिए 6289 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
2695 करोड़ से मजबूत होंगी सड़कें
सड़कों और पुलों के लिए 2695 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत इस साल 600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि 2023-24 के दौरान 400 करोड़ की लागत से 805 किलोमीटर सड़कों और चार पुलों का निर्माण हो चुका है। सीआरआईएफ योजना के तहत 40 करोड़ की लागत से 22 किलोमीटर सड़क को अपग्रेड किया है। राज्य योजना के तहत 199 करोड़ से 176 किलोमीटर सड़क को अपग्रेडेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है।
श्री आनंदपुर साहिब में चार गावों के बीच 30 करोड़ से बनेंगे पुल
वित्त मंत्री ने सदन ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी श्री आनंदपुर साहिब के कई गांवों में आज भी कनेक्टिविटी नहीं है। आप सरकार इन गांवों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये से पुलों का निर्माण कराएगी। इन गांवों में खेड़ा कल्मोट, भल्लाड़ी एवं बेला ध्यानी और अजौली के बीच पुल बनाए जाने हैं।