पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
- फोटो : फाइल
पंजाब सरकार ने मुफ्त बिजली योजना से कुछ शर्तें हटाकर सामान्य वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल), एससी, बीसी और स्वतंत्रता सेनानी के परिवारों को राहत दी है। इसके तहत सामान्य वर्ग के तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। वहीं एससी, बीसी और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को पहले से घोषित 600 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी, भले ही वह इससे अधिक यूनिट का इस्तेमाल करें।
इसके साथ ही मुफ्त बिजली की शर्तों में बदलाव के साथ ही राज्य सरकार ने एक किलोवाट लोड की शर्त को भी साइडलाइन कर दिया है। मंगलवार को राज्य सरकार ने शर्तों में बदलाव संबंधी नया पत्र बिजली विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुफ्त बिजली योजना का एलान करते हुए कहा था कि इस स्कीम के तहत एससी, बीसी, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार और बीपीएल परिवारों को प्रत्येक बिल में 600 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी और केवल उन्हीं यूनिट के पैसे देने होंगे, जो 600 यूनिट के बाद खर्च किए गए हों।
मुख्यमंत्री ने इस पूरी स्कीम से सामान्य वर्ग के उपभोक्ताओं को बाहर रखा था, जिसका विरोध होने पर बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने सफाई दी कि एक किलोवाट से ज्यादा लोड और इनकम टैक्स भरने वाले हर वर्ग को 600 से ज्यादा खर्च होने पर पूरा बिल देना होगा लेकिन मंगलवार को शर्तों में किए गए बदलाव में बिजली मंत्री के दोनों एलान का कोई जिक्र नहीं है और सामान्य वर्ग पर पूरा बिल भरने की तलवार लटकी रहेगी।
सरकार ने पहले यह तय किया था
इस मामले में सरकार ने पहले तय किया था कि पंजाब में प्रत्येक वर्ग के एक किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए 600 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त रहेगी और इससे ज्यादा बिजली खर्च करने पर अतिरिक्त यूनिट का ही बिल देना होगा। वहीं, एक किलोवाट लोड से ज्यादा वाले उपभोक्ताओं के लिए 600 से ज्यादा यूनिट खर्च होने पर पूरा बिल चुकाने का प्रावधान किया गया था लेकिन अब एससी, सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवार, बीसी और स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के लिए एक किलोवाट लोड वाली शर्त को हटा लिया गया है। यानी इन सभी वर्गों को अब 600 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती रहेगी, भले ही उनके पास कितनी भी क्षमता वाला मीटर हो।