दो फरवरी को फाजिल्का में राज्यपाल एमआर कॉलेज में सरपंचों से मुलाकात करेंगे और उसके बाद फिरोजपुर पहुंचकर डेंटल कॉलेज में सरपंचों के साथ तय कार्यक्रम के अनुसार हिस्सा लेंगे। फिरोजपुर में भी राज्यपाल केंद्र और सूबे के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
राज्यपाल ने पिछले साल अप्रैल और सितंबर के दौरान सीमावर्ती जिलों का दौरा कर वहां किसानों से मुलाकात की थी। तब राज्यपाल के सरहदी दौरे को लेकर शिअद और कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। इन दलों का कहना था कि राज्यपाल केंद्र सरकार के इशारे पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में अनावश्यक दखल दे रहे हैं। इन पार्टियों का कहना था कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी सरकार को इसका विरोध करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि आप सरकार और राज्यपाल के बीच बीते 10 माह के दौरान विधानसभा सत्र बुलाने समेत विभिन्न मुद्दों पर विवाद होता रहा है। अब राज्यपाल के सीमावर्ती जिलों का ताजा दौरा नए सियासी विवाद का कारण बन सकता है क्योंकि इस बार राज्यपाल गांव के सरपंचों और स्थानीय शख्सियतों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनने वाले हैं।