पंजाब में पुलिस और सरकारी मशीनरी सत्ताधारी कांग्रेस के इशारे पर गैरकानूनी और असांविधानिक तरीके से काम कर रही है। यह आरोप हाल ही में मलोट में भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हमले की घटना को लेकर भाजपा के पंजाब अध्यक्ष ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में लगाया था। इन्हें आधार मानते हुए राज्यपाल ने मंगलवार को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से न सिर्फ जवाब-तलब कर लिया है, बल्कि भाजपा विधायक पर हमले के मामले में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया
राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने प्रदेश भाजपा की शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री से कार्रवाई करने को कहा है, जिससे भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। राज्यपाल के प्रमुख सचिव जेएम बालामुरुगन ने राज्यपाल की तरफ से मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव को भेजे पत्र में पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के ज्ञापन का हवाला दिया गया है।
इसे 27 मार्च को अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में राज्यपाल से मिलने पहुंचे भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा था। प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन मोहन मित्तल, राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद, इकबाल सिंह लायलपुरा, विधायक दिनेश बब्बू और संगठन सचिव दिनेश शर्मा शामिल थे।
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया था कि पंजाब में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले और हिंसा की बढ़ती घटनाओं को रोका जाए और राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल की जाए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि पंजाब पुलिस और सरकारी मशीनरी सत्ताधारी कांग्रेस की देखरेख में गैरकानूनी और असांविधानिक तरीके से काम कर रही है।
अब राज्यपाल की तरफ से भेजे पत्र में कहा गया है कि यह पूरा मामला मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया जाए और इसमें तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए भी कड़े कदम उठाए जाएं।
यह है मामला
मलोट में अबोहर से भाजपा विधायक अरुण नारंग पर कुछ लोगों ने हमला करके न सिर्फ उनसे मारपीट की, बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए थे। घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने एक खाली दुकान में विधायक को छिपाकर भीड़ से बचाया था। इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह लोगों को नामजद कर गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।