फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने दिया इस्तीफा, निजी कारणों से चंडीगढ़ प्रशासक का पद भी छोड़ा

Sat, 03 Feb 2024 03:47 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

Banwarilal Purohit Resigned : पंजाब के 29वें गवर्नर के तौर पर बनवारी लाल पुरोहित ने अगस्त 2021 में कार्यभार संभाला था। वे भाजपा के नेता हैं। हालांकि उनका कांग्रेस से भी नाता है। वे दो बार कांग्रेस की टिकट पर सांसद का चुनाव जीत चुके हैं। पंजाब में उनका कार्यकाल काफी विवादों से घिरा रहा था।
विज्ञापन
बनवारी लाल पुरोहित - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में उन्होंने पद छोड़ने का कारण निजी बताया है। पुरोहित शुक्रवार (दो फरवरी) को ही दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर आए थे। 

विज्ञापन


2021 में संभाला था पदभार
बनवारीलाल पुरोहित ने अगस्त 2021 को पंजाब के गवर्नर का पद संभाला था। वह 2017 से 2021 तक तमिलनाडु के राज्यपाल रहे। इससे पहले 2016 से 2017 तक वे असम के गवर्नर रह चुके हैं। पुरोहित भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं। वह तीन बार नागपुर से सांसद रह चुके हैं। पुरोहित का जन्म 16 अप्रैल 1940 में राजस्थान में हुआ था।

विवादों से भरा रहा कार्यकाल
पंजाब में उनका कार्यकाल काफी विवादों से घिरा रहा। खासतौर पर भगवंत मान सरकार के बनने के बाद से उनके और सीएम के रिश्तों में काफी तल्खी देखी गई थी। पंजाब विधानसभा के सत्र को बुलाने को लेकर तो दोनों में रार इतनी बढ़ी कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। वे अक्सर सरकार से विभिन्न मुद्दों को लेकर जवाब मांगते रहते थे। 
विज्ञापन


अक्तूबर में पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र में पेश किए जाने वाले तीन विधेयकों को मंजूरी देने से उन्होंने इनकार कर दिया था। इसके बाद सीएम भगवंत मान समेत आम आदमी पार्टी ने उनका विरोध किया था। 
 

विज्ञापन

कल ही भगवंत मान ने साधा था निशाना
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने शुक्रवार को गवर्नर पर निशाना साधा था। मान ने दिल्ली में कहा था कि पंजाब में गवर्नर हमें तंग कर रहे हैं। बात-बात पर गवर्नर कह देते हैं कि यह कानूनी नहीं गैर-कानूनी है। लोकतंत्र में इलेक्टेड राज चलता है। कई लोगों ने सेलेक्टेड राज की आदत डाल ली है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें