पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा भेजे गए तीन वित्त विधेयकों में से दो विधेयकों पर मुहर लगा दी है जबकि एक विधेयक पर अभी फैसला लेना बाकी है। राज्य सरकार ने यह तीन विधेयक हाल ही में बुलाए विधानसभा के दो दिवसीय सत्र में पेश करने के लिए राज्यपाल से अनुमति मांगी थी लेकिन राज्यपाल ने यह कहते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया था कि विधानसभा का दो दिवसीय सत्र असंवैधानिक है।
राजभवन के सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने तीन वित्त विधेयकों में से जिन दो विधेयकों पर सहमति जता दी है, उनमें पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टेक्स (संशोधन) बिल 2023 और इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल 2023 शामिल हैं। राज्य सरकार इन विधेयकों को अब आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सदन में पेश कर सकेगी। इनमें पहला बिल, ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी लागू करने और जीएसटी अपीलीय ट्रिबियूनल स्थापित करने की अनुमति देता है जबकि दूसरा बिल, संपत्तियां गिरवी रखने पर स्टांप ड्यूटी लगाने की अनुमति देता है। राज्यपाल ने फिलहाल तीसरे वित्त विधेयक, पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन (संशोधन) बिल 2023 पर अपनी सहमति नहीं दी है।
माना जा रहा है कि जैसा कि राज्यपाल ने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लंबित विधेयकों पर फिर से विचार कर फैसला लेने का भरोसा जताया है, उसी कड़ी में राज्यपाल ने उक्त दो विधेयकों को सदन में पेश करने का रास्ता खोल दिया है। दूसरी ओर, गत 20 व 21 अक्तूबर को बुलाए गए दो दिवसीय सत्र को असंवैधानिक ठहराने और वित्त विधेयकों को सदन में पेश करने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर राज्य सरकार ने राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार की याचिका पर तीन नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।