कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका के मद्देनजर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को पूरी निष्ठा से तैयारियों में जुट जाने का आदेश दिया है। जून के अंत तक स्वास्थ्य विभाग के सभी डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में मौजूदा लहर के फैलाव को रोकने के लिए घर-घर निगरानी करने का भी आदेश दिया है। गुरुवार को कोविड समीक्षा की वर्चुअल मीटिंग के दौरान राज्य में कोविड की स्थिति का जायजा लेते समय मुख्यमंत्री ने डॉ. केके तलवार के नेतृत्व वाले राज्य स्तरीय विशेषज्ञ ग्रुप को स्वास्थ्य विभाग के लिए प्रशिक्षण संबंधी विवरण तैयार करने के आदेश दिया।
उन्होंने राज्य में बच्चों के संदर्भ में सभी मेडिकल अफसरों को प्रशिक्षण देने की जरूरत पर जोर दिया। ग्रामीण इलाकों में कोविड के पैर पसारने पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों की टीमों को हर गांव में घर-घर तुरंत निगरानी शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि टीमों को बिना किसी देरी के प्राथमिक दवाओं के साथ लैस किया जाए और लक्षणों वाले व्यक्तियों की आरएटी टेस्टिंग तुरंत की जाए।
कोविड नियमों के उल्लंघन के 25 लाख मामले दर्ज
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बताया कि पाबंदियां लागू करवाने की मुहिम पूरे जोर से चलाई जा रही है, जिससे अब लोग भी ज्यादा चौकस हो गए हैं। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से लेकर अब तक कुल 25 लाख उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं और 1.31 लाख चालान करके 12 करोड़ रुपये की रकम हर्जाने के तौर पर वसूली गई है। इसके अलावा उल्लंघन करने वाले 2600 व्यक्तियों को खुली जेल में भेजा गया है। लोगों के आने-जाने पर नजर रखने के लिए 60 प्रतिशत गांवों में ठीकरी पहरे लगाए जा रहे हैं।