पंजाब सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पंजाब भवन में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, ‘आमदनी दा ऐहजरिया वी छड्ड देयांगे तां असी की करांगे।’ उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य सरकार की ऐसी स्थिति नहीं है कि वह राजस्व का इस स्रोत में कोई छूट दे सके। जीएसटी लागू हो जाने के बाद राज्य सरकार के पास आमदनी के लिए वैट और एक्साइज ही बाकी रह गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस संबंध में कदम उठाने चाहिए।
हालांकि इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है। उनकी सरकार इस महीने के आखिर तक तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के रुझान पर नजर रखेगी। अगर किसी तरह की राहत संभव हो सकी तो अवश्य दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र द्वारा पेट्रोल-डीजल पर ढाई रुपये की कटौती किए जाने के बाद भाजपा शासित राज्यों ने भी ढाई रुपये वैट घटा दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने भी इस पर मंथन शुरू कर दिया था। लेकिन संबंधित विभागों के अफसरों का कहना था कि केंद्र द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से पंजाब को वैट में 1.58 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से नुकसान हुआ है। अब वैट कम करेंगे तो राज्य सरकार की आमदनी और घट जाएगी।