पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने वीरवार को घोषणा की कि प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्ल्यूएस) लोगों को अगले तीन वर्ष में एक लाख मकान बनाकर देगी।
देश के सभी राज्यों के आवास एवं शहरी विकास मंत्रियों के दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में सुखबीर ने यह घोषणा की। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू की अध्यक्षता वाली इस बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों की जरूरतों के अनुसार ही स्कीमें और विशेष फंड बनाई जाएं, ताकि जरूरतमंदों को मकान बनाकर देने के लिए ग्रांटें दी जा सकें।
मकान के लिए 300 एकड़ भूमि का प्रबंध
डिप्टी सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा एक लाख मकान बनाने के लिए पूरे राज्य में विभिन्न स्थानों पर 300 एकड़ भूमि का प्रबंध किया गया है
राज्य सरकार की संबंधित नीति के तहत सभी डेवलपर्स को अपने प्रोजेक्टों की पांच प्रतिशत भूमि जरूरतमंदों के आवास के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है।
बादल ने सम्मेलन के दौरान सुझाव दिया कि गरीबों को मकान मुहैया करवाने के लिए एक विशेष फंड बनाया जाए, जिसमें निर्माण सामग्री की बिक्री पर लगे टैक्स से प्राप्त आय जमा करवाई जाए और राज्यों को जरूरत के अनुसार वितरित की जाए।
घरेलू ऋण पर ब्याज दर घटाने की भी वकालत
उन्होंने यह मांग भी रखी कि विकास अथॉरिटियों जैसे कि गमाडा, पुडा, गलाडा आदि को आयकर से छूट दी जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ-साथ जरूरतमंदों को मकान बनाकर दिए जा सकें।
बादल ने घरेलू ऋण पर ब्याज दर घटाने की भी वकालत की और जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन के तहत चल रहे प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करने के लिए तुरंत फंड जारी करने की भी मांग की।
सम्मेलन के दौरान पंजाब के हाउसिंग सचिव ए वेनू प्रसाद, स्थानीय निकाय विभाग के सचिव अशोक गुप्ता, उप मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पीएस औजला और विशेष प्रधान सचिव मनवेश सिंह सिद्धू भी उपस्थित थे।