पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
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पंजाब सरकार के आदेश को नजरअंदाज करना सूबे के 720 निजी स्कूलों को भारी पड़ने वाला है। आदेश के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने विशेष दुकानों से अभिभावकों को स्कूल ड्रेस और किताबें खरीदने पर बाध्य किया। अब सरकार इन चिह्नित स्कूलों के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। इसके लिए विभाग ने विशेष टीमों का गठन कर दिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में निजी स्कूलों को ड्रेस और किताबें बेचने वाले कम से कम तीन और शहरों की 20 दुकानों की सूची प्रदर्शित करने का निर्देश दिया था। विभाग ने यह सूची जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को तुरंत साझा करने को कहा था। इसके बाद भी पंजाब के 720 निजी स्कूलों ने सरकारी आदेश की अवहेलना की और अभिभावकों को चुनिंदा दुकानों से ड्रेस और किताबें खरीदने पर बाध्य किया।
साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ सूची भी साझा नहीं की। पंजाब सरकार ने इन निजी स्कूलों को लेकर बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। अब पंजाब सरकार के आदेश पर इन निजी स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। सरकार की इस कार्रवाई का मकसद निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाना है। सरकार ने कहा है कि निजी स्कूलों से मनमानी की लगातार शिकायतें आ रही हैं। इसके बाद ऐसा फैसला लेना पड़ा।
फीस बढ़ोत्तरी की अधिक शिकायतें
सरकार ने निजी स्कूलों में फीस न बढ़ाने का आदेश भी जारी किया था लेकिन कई स्कूलों ने इस आदेश पर ध्यान नहीं दिया और तय मानक के विपरीत फीस में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी। ऐसे स्कूलों के खिलाफ भी सरकार बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
जिला स्तर की टीमों की जांच में हुआ खुलासा
सरकारी आदेश की निगरानी की खातिर सरकार ने जिला स्तर पर टीमों का गठन किया था। शिक्षा मंत्री मीत हेयर ने बताया कि टीमों ने स्कूलों का औचक निरीक्षण भी किया। निगरानी की गई। इसके बाद यह खुलासा हुआ है। अब ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम सरकार उठाएगी।