प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंजाब सीएम भगवंत मान।
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भारतीय सेना में भर्ती को लेकर केंद्र की अग्निपथ योजना के विरोध में पंजाब सरकार पूरे तरह से उतर आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में इस योजना के विरोध में प्रस्ताव लाने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 24 जून को शुरू होने वाले विधानसभा के सत्र के दौरान योजना से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने रविवार को एक वीडियो जारी कर कहा कि पंजाब सरकार केंद्र की इस अग्निपथ योजना के विरोध में डटकर खड़ी है। पंजाब के युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। केंद्र के हर पंजाब विरोधी फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार खड़ी है। इससे पहले भी चंडीगढ़ में केंद्रीय नियमों को लागू करने के विरोध में पंजाब सरकार विधानसभा में प्रस्ताव पास कर चुकी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान इससे पहले भी संगरूर लोकसभा सीट के उपचुनाव के दौरान अपना विरोध जता चुके हैं। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार अब फौज भी किराये और अनुबंध पर देने जा रही है। अग्निपथ योजना चार साल बाद फौज से आए युवकों को बेरोजगार बना देगी। उनका भविष्य असुरक्षित हो जाएगा। यह योजना युवाओं को बेरोजगारी और गरीबी के बुरे दौर में धकेल देगी। जो देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता के लिए घातक साबित होगी।
विपक्षियों का मिलेगा साथ
पंजाब विधानसभा सत्र में अग्निपथ योजना को लेकर सरकार को प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस का भी साथ मिलेगा। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पहले ही विधानसभा में अग्निपथ योजना के विरोध में प्रस्ताव लाने की मांग कर चुके हैं। अकाली नेता भी इस योजना को लेकर विरोध में बयान दे चुके हैं।
युवक ने रोका मुख्यमंत्री का काफिला
वहीं, दूसरी तरफ रविवार को संगरूर में मुख्यमंत्री ने रोड शो किया। इस दौरान एक युवक ने मुख्यमंत्री मान का काफिला रोक लिया। हुआ यह कि रोड शो के दौरान सड़क के किनारे खड़े एक युवक ने मुख्यमंत्री मान को आवाज लगाई। इस पर वह रुक गए और उन्होंने युवक को बुलाकर बात की। युवक ने मुख्यमंत्री से अग्निपथ योजना का विरोध करने को कहा, जिस पर मुख्यमंत्री ने साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।