पंजाब के मंत्री मनप्रीत सिंह बादल
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वैसे, सूबे में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने 20 नवंबर को मुफ्त स्मार्टफोन देने की घोषणा करते हुए कहा था कि सत्ता में आने के 100 दिन के भीतर ही 18 से 35 साल के नौजवानों को स्मार्टफोन दे दिए जाएंगे। लेकिन प्रदेश की खराब माली हालत का हवाला देते हुए कैप्टन सरकार ने इस वादे पर एक साल से भी अधिक समय बीत जाने के बाद काम शुरू किया है। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने मुफ्त स्मार्टफोन को लेकर युवाओं का रजिस्ट्रेशन भी किया था, जिसमें पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और बठिंडा जिलों में भारी संख्या में कांग्रेस के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराया था।
पिछले साल अप्रैल माह में सत्ता संभालने के बाद कांग्रेस सरकार ने किसानों से किए कर्ज माफी को वादे को पूरा करने में अपनी सारी ताकत झोंक दी। जानकारी के अनुसार, अब राज्य सरकार ने मुफ्त स्मार्टफोन का वादा पूरा करने के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। रजिस्टर किए गए सभी युवाओं को यह स्मार्टफोन और उनका डाटा मुफ्त प्रदान किया जाएगा। इस बीच, सरकार ने स्मार्टफोन खरीदने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
मोबाइल के साथ मुफ्त इंटरनेट सुविधा भी
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के 50 लाख युवाओं को फ्री 4जी स्मार्टफोन देने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि 4जी स्मार्टफोन के एक साल तक इंटरनेट और कॉल्स भी फ्री मिलेगी। कैप्टन की इस स्कीम में करीब 30 लाख लोग खुद को रजिस्टर करवा चुके हैं। इस स्कीम के तहत 10 वीं पास 18 से 35 साल के वे युवा जिनके परिवार की सालाना इनकम 6 लाख से कम है, को स्मार्टफोन दिए जाएंगे।