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पन्नू की हर हरकत पर कड़ी निगाह, पंजाब सरकार का दावा- कामयाब नहीं होने देंगे रेफरेंडम 2020

Sat, 04 Jul 2020 12:04 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब और केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
  • सिख फार जस्टिस का मुखिया है पन्नू, देश विरोधी गतिविधियां बढ़ने पर दायर की गई याचिका
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रेफरेंडम 2020 - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हाल ही में सिख फॉर जस्टिस (एसजेएफ)के गुरपतवंत सिंह पन्नू की अलग देश की स्थापना की मांग को लेकर बढ़ती जा रही देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गई। जनहित याचिका पर केंद्र और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि इस संस्था की प्रत्येक गतिविधि पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नजर है।
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रेफरेंडम की कोशिश को किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। केंद्र और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि 1 जुलाई को ही इस संस्था के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। उसकी संस्था सिख फॉर जस्टिस को पंजाब सरकार गत वर्ष 10 जुलाई को बैन कर चुकी है। संस्था के खिलाफ अब तक 16 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और इसके 118 व्हाट्स एप ग्रुप ब्लॉक किए जा चुके हैं ।

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सुरक्षा एजेंसियां लगातार उसकी देशविरोधी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है । उसकी किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। आगे जो कार्रवाई की जा रही है वह सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता के चलते गोपनीय रखी जा रही है, जिसे बताया नहीं जा सकता है । वहीं, हरियाणा सरकार ने भी इस मामले में हाईकोर्ट को उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
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याचिकाकर्ता को सुरक्षा देने के निर्देश
चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने केंद्र सहित पंजाब और हरियाणा सरकार की कार्रवाई पर संतुष्टि जताई। साथ ही पंजाब सरकार को निर्देश दिए हैं कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाजवा और उसके परिवार की सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किया जाए क्योंकि  यह बेहद ही संवेदनशील मामला है और याचिकाकर्ता की सुरक्षा भी खतरे में हैं।
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