खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के चाचा की पुलिस हिरासत को अवैध बताते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब सरकार ने बताया कि हरजीत सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। इसलिए उस पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) लगाया गया है। इसकी गिरफ्तारी तय प्रावधानों के तहत की गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने अमृतपाल के अन्य सहयोगियों की लंबित याचिका के साथ सुनवाई का निर्णय लिया है।
अमृतसर निवासी सुखचैन सिंह ने बताया कि उसका भाई एवं अमृतपाल का चाचा हरजीत सिंह पुलिस की अवैध हिरासत में है। उसे एनएसए के तहत गिरफ्तार करते हुए तय प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। जवाब दाखिल करते हुए पंजाब सरकार ने बताया कि हरजीत सिंह अमृतपाल सिंह का बेहद करीबी था और अजनाला पुलिस थाने पर हमले में उसकी भूमिका थी। साथ ही उसने 23 फरवरी को जनता को भड़काया था, जिसको लेकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उसे पेश करने की मांग पर पंजाब सरकार ने कहा कि एनएसए एक्ट के तहत हरजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर डिब्रूगढ़ में रखा है और इस एक्ट के तहत उसे अदालत में पेश नहीं किया जा सकता।
हरजीत सिंह के खराब स्वास्थ्य की दलील पर पंजाब सरकार ने कहा कि वहां स्वास्थ्य से जुड़ी सभी सुविधाएं मौजूद हैं और अगर आवश्यकता पड़ी तो आरोपी को उचित इलाज मुहैया करवाया जाएगा। इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने अब अमृतपाल के अन्य सहयोगियों के साथ ही इस केस को सुनने का निर्णय लिया है।