पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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पंजाब में 424 वीआईपी की सुरक्षा वापसी के फैसले पर सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। सरकार ने सुरक्षा वापसी के फैसले को वापस लेने का निर्देश जारी कर दिया है। घल्लूघारा दिवस में ड्यूटी में लगाए गए लगभग 3000 सुरक्षाकर्मियों को पूर्व तैनाती पर जाने को सरकार ने कहा है। सुरक्षा में कटौती के पंजाब सरकार के फैसले के बाद पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा में हत्या कर दी गई थी।
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी पंजाब सरकार को सभी की सुरक्षा बहाल करने का निर्देश दिया था। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सरकार की सुरक्षा में कटौती करने का फैसला बड़ा मुद्दा बना हुआ है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी सुरक्षा में कटौती को लेकर जमकर पंजाब सरकार पर हमला बोला था। इसके बाद उन्होंने पंजाब और केंद्र सरकार की सुरक्षा पेशकश को भी ठुकरा दिया था।
उन्होंने कहा था कि उन्हे सरकार की सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। पंजाब के युवा ही उनकी सुरक्षा के लिए काफी हैं। इसके बाद राज्य के कई अन्य डेरों के प्रमुखों ने भी सरकार द्वारा बहाल की गई सुरक्षा को वापस कर दिया था। कांग्रेस समेत शिअद और भाजपा नेताओं ने भी सरकार के इस फैसले पर जमकर हमला बोला था। हालांकि सरकार ने सफाई दी थी कि सुरक्षा वापसी का यह फैसला अस्थायी है।
घल्लूघारा दिवस के बाद सभी 424 वीआईपी की सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी। इसके बाद मंगलवार को सरकार ने सभी 424 वीआईपी की सुरक्षा बहाल कर दी। नए आदेश में कहा गया है कि सुरक्षा से हटाए गए सभी कर्मी मंगलवार की शाम तक नामित सुरक्षाकर्मियों के साथ वापस आ जाएंगे।