नवजोत सिंह सिद्धू की सुरक्षा को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब सरकार ने शुक्रवार को बताया कि उनकी सुरक्षा में 24 जवान तैनात हैं और सरकार उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर है। केंद्रीय एजेंसियों व सिद्धू के इनपुट के बाद उन्हें जेड प्लस सुरक्षा देने पर निर्णय लिया जाएगा। इस जानकारी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 12 मई तक की मोहलत देते हुए सुरक्षा समीक्षा की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए सिद्धू ने बताया है कि उन पर खतरे का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी थी। बीते वर्ष उन्हें रोड रेज केस में एक साल की सजा सुनाई गई थी। ऐसे में उनके जेल में होने के चलते उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी। तब उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि जब वह अपनी सजा को पूरा कर जेल से आएंगे तो उनको दी गई पहले वाली सुरक्षा को बहाल कर दिया जाएगा। जब याची जेल से रिहा हुआ तो जेड प्लस के स्थान पर सुरक्षा में कटौती करते हुए वाई श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई।
उन्होंने बताया कि उनके जेल से आने के बाद अचानक एक दिन उनके घर में एक अज्ञात व्यक्ति ने घुसने का प्रयास किया था। याची की शिकायत पर इस मामले में पटियाला पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी। याची ने कहा कि उसे वर्तमान में दी गई वाई श्रेणी की सुरक्षा पर्याप्त नहीं है और उन पर खतरे को देखते हुए जेड प्लस सुरक्षा को बहाल किया जाए।
सुनवाई के दौरान सिद्धू की जेड प्लस सुरक्षा बहाल करने के वादे के बावजूद ऐसा न करने पर पंजाब सरकार को फटकार लगाई। इस पर कोर्ट ने कहा कि अब केंद्रीय एजेंसियों व सिद्धू की ओर से आई इनपुट की समीक्षा करने के बाद सुरक्षा को लेकर सरकार निर्णय लेगी। ऐसे में इसके लिए सरकार को समय दिया जाए। कोर्ट ने पंजाब सरकार को सिद्धू की सुरक्षा की समीक्षा कर शुक्रवार तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।