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पंजाब सरकार धरने पर सख्त: शिक्षा मंत्री के आवास के सामने प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की छुट्टी रद्द, अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश

Tue, 05 Apr 2022 06:15 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर धरना देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के फैसले का डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट (डीटीएफ) ने कड़ा विरोध किया है। फ्रंट ने शिक्षकों की मांगें माने जाने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई को नादिरशाही फरमान करार दिया।
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बरनाला में शिक्षकों का प्रदर्शन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब के शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर को शिक्षकों का धरना इतना नागवार गुजरा कि उनके आदेश पर शिक्षा विभाग ने एक तरफ तो धरना देने वाले शिक्षकों की सोमवार को ली गई छुट्टी को रद्द कर दिया है। वहीं इन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है।

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उधर,13 जिलों में मंगलवार को विभाग के इस फरमान का शिक्षकों ने विरोध किया और आदेश की प्रतियां जलाईं। निदेशक पंजाब शिक्षा विभाग के कार्यालय ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी सर्कुलर में कहा है कि उनके जिलों से संबंधित वह अध्यापक जिन्होंने जरूरी/घरेलू काम के लिए सोमवार को छुट्टी ली थी लेकिन वह शिक्षा मंत्री के बरनाला स्थित आवास के बाहर धरने में शामिल थे, उन सभी की छुट्टी रद्द कर दें और बतौर नियुक्ति आधिकारी संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियम/हिदायतों के अनुसार तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। 

जिला शिक्षा अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि कार्यवाही करने में किसी तरह की लापरवाही के लिए वह निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। यानी जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी निदेशक के दफ्तर को सौंपने को कहा गया है।
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उल्लेखनीय है कि सोमवार को पंजाब के शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में बरनाला स्थित शिक्षा मंत्री मीत हेयर के आवास के बाहर धरना दिया था। शिक्षकों का कहना है कि चुनाव से पहले सभी वर्गों की मांगों को पहल के आधार पर हल करने के वादे के साथ सत्ता मे आई आप सरकार की नीति भी पहले वाली ही है।

डीटीएफ ने आदेश का किया विरोध
इस बीच, शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर धरना देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के फैसले का डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट (डीटीएफ) ने कड़ा विरोध किया है। फ्रंट ने शिक्षकों की मांगें माने जाने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई को नादिरशाही फरमान करार दिया। इसे किसी भी तरह स्वीकार नहीं करने की बात कही है। 

फ्रंट के पंजाब प्रधान दिग्विजयपाल शर्मा और सचिव सरवन सिंह औजला ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना शिक्षकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। इसे दबाने के लिए आप सरकार नादिरशाही फरमान लागू करने पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के शिक्षक इन नादिरशाही फरमानों को किसी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हक और सच के लिए संघर्ष कर रहे मुलाजिमों को दबाना हमेशा सरकारों की नीति रही है, जो आप सरकार के दौरान भी जारी है। 

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