पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से पंजाबी भाषा को बाहर करने पर पंजाब सरकार ने एतराज जताया है। शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने सीबीएसई की ओर से जारी 10वीं और 12वीं की डेटशीट में पंजाबी विषय को मुख्य विषयों से बाहर करने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। उन्होंने केंद्रीय बोर्ड से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। जल्द वह इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात करेंगे।
शिक्षा मंत्री परगट सिंह सीबीएसई ग्रेजुएट हैं। उन्होंने सभी क्षेत्रीय भाषाओं को लघु विषयों में शामिल करने के सरकार के फैसले को संविधान के विपरीत देशभर के छात्रों को उनकी मातृभाषा से वंचित करने की साजिश करार दिया है। शिक्षा और उच्च शिक्षा और भाषा के बारे में मंत्री ने कहा कि पंजाब में पंजाबी जैसे संबंधित राज्य की कम से कम मातृभाषा मुख्य विषय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगर आवश्यक होगा तो वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी संपर्क करेंगे और फैसले को बदलने की मांग करेंगे।
बीएसएफ मुद्दे पर पंजाब सरकार ने जताया एतराज
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि के केंद्रीय फैसले पर पंजाब सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। पंजाब सरकार ने इसे राज्यों के अधिकारों पर केंद्र का हस्ताक्षेप बताया। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जल्द इस मुद्दे पर कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाएंगे।
सीएम ने यहां तक भी कह दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो विधासनभा का विशेष सत्र भी बुलाएंगे। वहीं इस मुद्दे पर विपक्षी दल भी हमलावर हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र के फैसले के लिए सीएम चन्नी को जिम्मेदार ठहराया। वहीं आम आदमी पार्टी ने कई जिलों में फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।