पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार हर स्तर पर मुस्तैद है। इसको लेकर अब टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। पंजाब सरकार पराली की बढ़ती घटनाओं और किसानों की सुविधाओं के लिए तीन एप जारी किए हैं। ये पल-पल की खबर मुहैया कराएंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में...
दरअसल, इस बात की जानकारी गुरदासपुर में पंजाब सरकार के मंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पराली जलाने से निपटने संबंधी अपने प्रयास को अधिक तेज करते हुए फसलों के अवशेष को जलाने से रोकने व इसके बुरे प्रभावों बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से तीन मोबाइल एप जारी किए हैं।
रंधावा ने बताया कि पराली जलाने से मानव सेहत, वातावरण व भू को नुकसान होता है। इस समस्या से निपटने के लिए कृषि, राजस्व, साइंस, टेक्नोलॉजी व वातावरण, खुराक व सिविल सप्लाई जैसे सभी संबंधित विभागों की ओर से तालमेल के जरिये समूची पहुंच अपनाए जाने की जरूरत पर बल दिया गया। उन्होंने बताया कि सब्सिडी के जरिये सहकारी सोसाइटियों व कस्टम हायर सेंटरों को उपलब्ध कराए जा रहे कृषि समान तथा मशीनरी का अधिक से अधिक प्रयोग किए जाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
रंधावा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा जारी तीन एंड्रॉयड मोबाइल एप्लीकेशन पंजाब रिमोर्ट सेंसिंग सेंटर द्वारा विकसित की गई है। इनमें एक आई खेत मशीन है, जो फसलों के अवशेष के प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी व समान तक पहुंच हेतु किसानों के लिए सुविधाजनक है। ई पहल पौधे लगाने व निगरानी रखने व ई प्रीवेंट फसलों के अवशेष को आग लगाने की घटनाओं से संबंधित सही और तेजी से सूचना उपलब्ध कराता है। यह एप्लीकेशन जिला, ब्लाक व गांव स्तर पर अंग्रेजी व पंजाबी भाषा में संबंधित सूचना उपलब्ध कराएंगी।