चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने नए कॉलेज बनाने के लिए राज्य के ही कुछ कॉलेजों से फंड देने को कहा है। कुछ शिक्षकों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका तर्क है कि सरकार को कॉलेजों को फंड देना चाहिए न कि लेना चाहिए। अभिभावक कोष का पैसा विद्यार्थियों और कॉलेज के हित के लिए होता है, न कि सरकार को देने के लिए। हालांकि अभी आदेश जारी हुए हैं। इसका खुलकर विरोध सामने नहीं आया है।
सरकार हर साल इंटर व डिग्री कॉलेजों का निर्माण करती है। यह कॉलेज उन क्षेत्रों में बनाए जाते हैं जहां कॉलेजों का अभाव है। सरकार अपनी घोषणाओं के मुताबिक इस साल भी कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है और कुछ कॉलेजों का निर्माण चल रहा है। इसके लिए सरकार को बजट चाहिए। सरकार ने लुधियाना, रोपड़, जालंधर के कुछ कॉलेजों को पत्र जारी किया है। कहा है कि अभिभावक संघ कोष या उच्च शिक्षा के किसी मद में उनके पास पैसे हों तो वह नए कॉलेजों के लिए दें ताकि उनका निर्माण पूरा हो सके। बताया जाता है कि अभिभावक संघ कोष में पांच लाख से अधिक रुपये कॉलेजों के पास होते हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि यदि वह यह रकम देते हैं तो कॉलेजों की जरूरतें कैसे पूरी होंगी। बाद में कॉलेजों को फंड चाहिए।