मान ने कहा कि उन्होंने पहले ही वित्त कमिश्नर (राजस्व) को हिदायत दी है कि वह संबंधित डिप्टी कमिश्नरों को बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी करने के लिए हिदायतें जारी करें, ताकि फसलों, बागों और घरों को हुए नुकसान का पहल के आधार पर पता लगाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वह जल्द से जल्द नुकसान की रिपोर्ट पेश करें, जिससे प्रभावित लोगों को सरकारी नियमों के अनुसार उपयुक्त मुआवजा दिया जा सके।
नई फसल बीमा योजना भी लाएगी सरकारः मुख्यमंत्री
प्राकृतिक आपदा से किसानों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार फसल बीमा योजना लाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित फसल बीमा योजना केवल कागजों तक ही सीमित रह गई थी लेकिन राज्य सरकार की योजना से किसानों को असली राहत मिलेगी। उन्होंने अफसोस जताया कि आजकल 20 मिनट की ओलावृष्टि किसानों के चेहरों पर मुसीबत ला देती है लेकिन यह योजना किसानों के हितों की रक्षा करेगी।
कपास के लिए एक अप्रैल से मिलेगा नहरी पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली अप्रैल से किसानों को कपास की फसल के लिए नहरी पानी उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य की कपास पट्टी में नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाएगी, जिससे कपास के कृषि को बड़े स्तर पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बिजाई के सीजन के दौरान कपास किसानों को पानी मुहैया करवाना समय की जरूरत है।
इतना मुआवजा मिलेगा
- 75 फीसदी से ज्यादा फसल खराब होने पर 15000 रुपये प्रति एकड़
- 33-75 फीसदी फसल खराब होने पर 6750 रुपये प्रति एकड़
- खेत मजदूरों को मुआवजा 10 फीसदी (कुल मुआवजा राशि का)
- पूरे मकान को नुकसान की स्थिति में 95100 रुपये
- मकान को मामूली नुकसान पर 5200 रुपये