कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
कोविड टेस्ट के नाम पर मुनाफाखोरी को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने निजी लैब में कोविड टेस्टिंग के रेट घटा दिए हैं। निजी लैब संचालकों को सरकार ने निर्देश दिए गए हैं कि वह लैब में टेस्ट के मूल्य लिखकर मरीजों को दिखाएं। अब निजी लैब संचालक कोविड टेस्ट के लिए 1600 रुपये से ज्यादा नहीं ले पाएंगे।
महामारी एक्ट, 1897 (कोविड -19 रेगुलेशन 2020) के तहत सरकार ने यह निर्णय किया है। निजी लैब कोविड के आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए 1600 रुपये (समेत जीएसटी, टैक्स, कागजी कार्रवाई और रिपोर्टों) से अधिक पैसे नहीं ले पाएंगी। इसी तरह राज्य की सभी निजी लैब को कोविड-19 के ट्रूनेट टेस्ट के लिए 2000 रुपये और सीबीनेट टेस्ट का रेट 2400 रुपये (समेत जीएसटी, टैक्स, कागजी कार्रवाई और रिपोर्टें) निर्धारित किया गया है। घर जाकर नमूने लेने के लिए अतिरिक्त खर्चा लैब द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि निजी लैब कोविड -19 के टेस्टों के नतीजों से संबंधित जानकारी राज्य सरकार के साथ साझा करेंगी और समय पर आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड करेंगी। सैंपल रेफरल फार्म (एसआरएफ) के मुताबिक नमूना लेते समय टेस्ट करवाने वाले व्यक्ति की पहचान, पता और प्रमाणित मोबाइल नंबर नोट करना भी आवश्यक है।
मरीज को लेकर गोपनीयता जरूरी
एनएबीएल और आईसीएमआर द्वारा मंजूरशुदा सभी प्राइवेट लैबॉरेटरियों को निदेश दिए गए हैं कि मरीज की जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से भविष्य की जांच के मद्देनजर सभी निजी कोविड -19 टेस्टिंग लैब को आरटी-पीसीआर मशीन द्वारा तैयार डाटा और ग्राफ को संभाल कर रखना होगा।
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