पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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पंजाब में अब टैक्स चोरी और फर्जी बिलों पर सरकार की पैनी नजर होगी। भगवंत मान सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को टैक्स खुफिया विंग की स्थापना को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इस विंग की स्थापना से आबकारी एवं कराधान विभाग और मजबूत व सक्षम बनेगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि टैक्स खुफिया विंग से टैक्स चोरी रुकने के अलावा पंजाब सरकार की आमदनी में भी इजाफा होगा।
टैक्स खुफिया विंग विभाग के अतिरिक्त आयुक्त की अगुवाई में काम करेगा। एक सेंट्रलाइज्ड यूनिट के अलावा दो यूनिट और बनाई जाएंगी। सेंट्रलाइज्ड यूनिट में एक ज्वाइंट कमिश्नर, तीन ईटीओ, छह इंस्पेक्टर और छह विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साइबर, कानूनी, बिजनेस के अलावा और भी विशेषज्ञों को इस विंग में शामिल किया जाएगा।
यह विंग जाली बिलों पर पैनी नजर रखेगा। मान सरकार को मात्र डेढ़ महीने में डाटा माइनिंग सिस्टम से 107 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। सरकार ने आंकड़ा दिया है कि कांग्रेस सरकार के समय पिछले दो सालों में विभाग को केवल 600 करोड़ की आमदनी हुई थी। गौर हो कि बीते कल ही पंजाब में आबकारी एवं कराधान विभाग और राज्य विजिलेंस ब्यूरो में एफआईआर को लेकर तकरार बढ़ गई थी, जिसके बाद एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के अधिकारी सोमवार को हड़ताल पर चले गए थे लेकिन वित्त मंत्री के हस्तक्षेप के बाद अधिकारियों ने हड़ताल वापस ले ली।
बैठक में कई तरह के समझौतों पर बात बनी, जिसके बाद मंगलवार को विभाग में नया विंग खोलने का एलान किया गया। इस घोषणा को भी इस विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है। विजिलेंस ने जाली बिलों से जुड़े मामले में आबकारी एवं कराधान विभाग के दो अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की थी।