पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेमौसमी बारिश से खराब गेहूं की खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्ता मानकों के आधार पर एमएसपी में कटौती किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। मान ने एलान किया है कि प्रभावित किसानों को गेहूं की एमएसपी में होने वाली कटौती की भरपाई पंजाब सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री मान ने बुधवार को केंद्र के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि बारिश और आंधी के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा किसानों को देने के लिए केंद्र सरकार की मिन्नतें नहीं की जाएगी बल्कि खराब गेहूं पर केंद्र सरकार मूल्य में जो कटौती करेगी, किसानों के उसकी भरपाई पंजाब सरकार करेगी।
उन्होंने खुली चेतावनी देते हुए ट्वीट किया कि हम बात-बात पर पैसों के लिए केंद्र की मिन्नतें नहीं करेंगे... गेहूं की खरीद में जितनी भी कटौती होगी वह पंजाब सरकार किसानों को देगी... लेकिन जब भी हमसे गेहूं, दालें, मक्का, सरसों... कपास या चावल मांगेंगे, उस समय हिसाब करेंगे... अन्नदाता को भिखारी नहीं बनाना।
उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से किसानों को फसलों का भारी नुकसान उठाना पड़ा लेकिन केंद्र सरकार ने कठिन समय में किसानों का हाथ नहीं पकड़ा। उलटे खराब फसल, सूखे व टूटे दाने और नमी की मात्रा के नाम पर कीमत में कटौती करके किसानों के जख्मों पर नमक छिड़का है।
छूट तो दी पर कई शर्तें लगा दी
भगवंत मान ने कहा कि केंद्र ने सूखे व टूटे दाने के लिए 18 फीसदी तक छूट देते हुए कई शर्तें लगा दी हैं। उन्होंने बताया कि 6 फीसदी सूखे व टूटे दानों वाले गेहूं के दाम में कटौती नहीं की गई लेकिन 6 से 8 फीसदी टूटे व सूखे दानों वाली फसल के दाम में 5.31 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की गई है। इसी तरह 8 से 10 फीसदी तक प्रति क्विंटल 10.62 रुपये जबकि 10-12 फीसदी तक प्रति क्विंटल 15.93 रुपये कटौती की शर्त लगा दी गई है।
इसके साथ ही 12-14 फीसदी तक प्रति क्विंटल 21.25 रुपये, 14-16 फीसदी तक 26.58 रुपये और 16-18 फीसदी तक 31.87 रुपये कटौती की जाएगी। गेहूं के 10 फीसदी बदरंग दानों तक दाम में कोई कटौती नहीं की लेकिन 10-80 फीसदी बदरंग फसल पर प्रति क्विंटल 5.31 रुपये का कट लगाया है। केंद्र ने पहले ही प्रदेश के जीएसटी और आरडीएफ का बनता हिस्सा जारी नहीं किया है और अब किसानों पर यह फैसला थोप दिया है।