विभागीय सूत्रों के मुताबिक सरकार को अलग-अलग लिफाफों में दो बोलियां प्राप्त हुईं। जब कंपनियों के निदेशकों के बारे में पता किया तो पता चला कि ये दोनों सहयोगी कंपनियां हैं इसलिए इन बोलियों के साथ आगे नहीं बढ़ा जा सकता। तकनीकी तौर पर सरकार को आगे बढ़ने के लिए कम से कम एक और बोली लगाने वाले की जरूरत है।
पंजाब की आप सरकार को अभी तक किराये पर दसॉल्ट-2000 एयरक्राफ्ट नहीं मिल सका है। पिछले दिनों सरकार के सिविल एविएशन विभाग की ओर से निकाले गए टेंडर के बाद महज दो सिस्टर कन्सर्न कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया। तकनीकी तौर पर एक ही कंपनी के टेंडर में हिस्सा लेने पर सरकार ने अब इसके लिए फिर से टेंडर निकालने की तैयारी की है। हालांकि इस बार सरकार अब हेलिकॉप्टर के लिए टेंडर निकालने जा रही है। दो महीने पहले सरकार ने एक साल के लिए दसॉल्ट-2000 एयरक्राफ्ट किराये पर लेने के लिए टेंडर निकाला था। इसमें दो ही सहयोगी कंपनियों ने बोली लगाई।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक सरकार को अलग-अलग लिफाफों में दो बोलियां प्राप्त हुईं। जब कंपनियों के निदेशकों के बारे में पता किया तो पता चला कि ये दोनों सहयोगी कंपनियां हैं इसलिए इन बोलियों के साथ आगे नहीं बढ़ा जा सकता। तकनीकी तौर पर सरकार को आगे बढ़ने के लिए कम से कम एक और बोली लगाने वाले की जरूरत है।
गौर हो कि कर्ज में डूबी पंजाब सरकार ने अत्याधुनिक दसॉल्ट-2000 एयरक्राफ्ट किराये पर लेने की योजना बनाई थी, जिसको लेकर विभाग की ओर से टेंडर निकाले गए थे, लेकिन इस मामले पर विपक्ष सहित अन्य नेताओं ने सवाल उठाए। इसके बाद सरकार ने अपनी योजना में बदलाव किया है। आम आदमी पार्टी ने पहले भी वादा किया था कि राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए वह विमान का प्रयोग नहीं करेगी लेकिन सरकार ने दो माह पहले इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए।
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गौर हो कि शिअद-भाजपा शासन के दौरान पंजाब सरकार भी विमानों और हेलिकॉप्टरों के इस्तेमाल को लेकर विवादों में आ गई थी। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले आप ने दावा किया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं। उसके बाद, कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अपने चुनाव पूर्व घोषणापत्र में वादा किया कि वह हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं करेंगी। हालांकि अमरिंदर सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान हेलिकॉप्टर का बहुत कम इस्तेमाल किया क्योंकि वह ज्यादा यात्रा नहीं करते थे।
बाद में उनके उत्तराधिकारी चरणजीत सिंह चन्नी ने हेलिकॉप्टर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। आप द्वारा हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में पार्टी की गतिविधियों का जायजा लेने के लिए राज्य के हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल ने भी विवाद खड़ा किया है।