पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि लोगों के करोड़ों रुपये हड़पने वाले पर्ल ग्रुप की संपत्तियां कब्जे में लेकर लोगों का पैसा वापस दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने शनिवार को ट्वीट किया कि पर्ल ग्रुप की पंजाब में संपत्तियों को राज्य सरकार कानूनी तरीके से सभी अपने कब्जे में लेगी।
उन्होंने लिखा कि संपत्तियों को कब्जे में लेने के बाद पीड़ित लोगों की पूरी रकम उन्हें वापस करने का रास्ता तलाशा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में जल्दी ही विस्तृत जानकारी देने का एलान भी किया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने गत 22 फरवरी को एक वर्चुअल बैठक करके सभी डिप्टी कमिशनरों को अपने-अपने जिलों में पर्ल ग्रुप की सभी जायदादों की शिनाख़्त करने को कहा था। उस समय भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रभावित लोगों को उनका एक-एक पैसा वापस दिलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को पर्ल ग्रुप की जायदादों की शिनाख्त करके रिपॉर्ट जमा कराने को कहा था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस लोढ़ा कमेटी के निर्देशानुसार राज्य स्तरीय सूची तैयार की गई है। लोढ़ा कमेटी के निर्देशानुसार पर्ल ग्रुप की प्रॉपर्टी बेचकर निवेशकों को उनका पैसा लौटाए जाने की बात कही गई है। इस कमेटी ने पंजाब सरकार को पर्ल ग्रुप की प्रॉपर्टी नीलाम करने को कहा था।
भगवंत मान जब सांसद थे, तब उन्होंने पर्ल ग्रुप की धोखाधड़ी का मामला लोकसभा में भी उठाया था। शनिवार को उनके ट्वीट के बाद लोगों की उम्मीद जगी है कि उनका पैसा वापस मिल जाएगा। पंजाब में इस ग्रुप की धोखाधड़ी का करीब 10 लाख लोग शिकार हुए हैं।
पर्ल ग्रुप पर आरोप है कि उसने देशभर से करीब साढ़े पांच करोड़ लोगों से प्रापर्टी में निवेश कराया और इस तरह लोगों से 60 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए। इसके बाद इस ग्रुप ने निवेशकों को फर्जी अलाटमेंट लैटर देते हुए पैसा हड़प लिया और ग्रुप के मालिक फरार हो गए। इस साल जनवरी में पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार कर लिया गया है।