पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस की रिर्पोटिंग और मैनेजमेंट में लगे स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दीं हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नोवल कोरोना वायरस का नाम बदल कर कोविड-19 (कोरोनावायरस) रख दिया है। बुधवार को जारी बयान में यह जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस मामलों की निगरानी के अंतर्गत रिर्पोटिंग और मैनेजमेंट कर रहे सभी अधिकारियों और मुलाज़िमों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है।
अब किसी भी तरह की छुट्टी केवल डायरेक्टोरेट स्वास्थ्य सेवाओं से मंजूरी मिलने के बाद ही दी जाएगी, जिससे संदिग्ध यात्रियों की जांच और टेस्ट प्रक्रिया पर किसी भी तरह का प्रभाव न पड़े। आईडीएसपी का राज्य निगरानी यूनिट राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति और सभी गतिविधियों की निगरानी रख रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अब तक अमृतसर और मोहाली के हवाई अड्डों में 22,236 यात्रियों की जांच की है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर 16,549 यात्रियों और डेरा बाबा नानक गुरदासपुर में 5,687 यात्रियों की जांच की गई। सिद्धू ने आगे बताया कि चीन की यात्रा कर चुके या हवाई अड्डों पर ठहरने वाले 1517 यात्रियों में से 35 संदिग्ध मरीजों के नमूने लिए गए थे, जो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे द्वारा नेगेटिव करार दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चीन की यात्रा करने वाले 1109 यात्रियों ने 14 दिनों की निगरानी वाला अति-संवेदनशील समय पूरा कर लिया है और बाकी बचे यात्रियों को घरों में अकेले रहने की हिदायत दी गई है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनकी पूरी निगरानी रखी जा रही है। नमूनों की जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भारत सरकार ने अब एम्स दिल्ली को संदिग्ध मरीजों के नमूने भेजने को कहा है और अब तक एक-एक नमूना जालंधर और अमृतसर से एम्स में भेजा गया हो जो नेगेटिव पाए गए। उन्होंने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।